मुद्दा: बाबरी मस्जिद ETV गुजराती डिबेट

मुद्दा: बाबरी मस्जिद ETV गुजराती डिबेट

अचानक से पर्सनल लॉ बोर्ड की मीटिंग से पहले मौलाना सलमान नदवी श्री श्री रविशंकर से मुलाक़ात कर लेते हैं. और प्रेस कांफ्रेंस कर के बताते हैं के मुसलमानों को बाबरी मस्जिद की ज़मीन हिन्दुओं के लिए छोड़ देनी चाहिए, और मस्जिद की जगह दुरी पर कहीं और ले लेनी चाहिए. इस मुद्दे को भारतीय मीडिया ने खूब उछाला और मीडिया में इसको ले कर काफी बहस हुए.

मोईनुद्दीन इब्न नसरुल्लाह को भी ETV गुजराती ने इस मुद्दे पर बहस करने के लिए बुलाया, जहाँ हिन्दू धर्म के पंडित भी मौजूद थे.

Moinuddin Ibn Nasrullah ने अपना पॉइंट रखते हुवे इस तरह की बातें की.

1. कोई मौलाना या पंडित को हक़ नही है के बाबरी मस्जिद की ज़मीन पर फैसला करें। सुबूतों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट खुद फैसला करे।

2. ये देश मे संविधान और क़ानून चलता है, ज़मीन किसकी है उसका फैसला सुबूतों के आधार पर होगा, किसी की आस्था पर नही, क्यों कि आस्था का कोई ठिकाना नही है, कल के में भी कह सकता हूँ के आपके घर मे बाबा आदम (अ. स.) का जन्म हुवा था, लाओ मुझे वहां मस्जिद बनाने दो।

3. ये जो श्री श्री रविशंकर मुसलमानो के दर पर रोजाना पहुंच रहे हैं, ये होते क़ौन है? क्या ये सभी हिंदुओं की रहनुमाई करते है? फिर ये किस बुन्याद पर लोगों से बात कर रहे हैं।

4. हिन्दू मुस्लिम दोनों धर्म मे बहुत सारे फिरके हैं, सब की अपनी अपनी आस्था है इसलिए सब एक नतीजे पर आ ही नही सकते। इसलिए मामला सुबूतों के आधार पर तय किया जाना चाहिए, आस्था पर नही।

5. कोई मुस्लिम कोर्ट के बाहर फैसला नही चाहता, वो चाहता है के कोर्ट में सुबूतों के आधार पर फैसला हो, लेकिन श्री श्री को अंदाज़ा हो चुका है के कोर्ट में केस हारने वाले हैं इसलिए कोर्ट के बाहर “सेटिंग” करना चाह रहे हैं।

6. सुप्रीम कोर्ट अपनी ज़िम्मेदारी से भागे नही, और ये पंडित इधर उधर मोलवियों से मिल रहे है बाबरी मस्जिद के मसले पर उन पर रोक लगाए, ये पैरेलल कोर्ट नही चलनी चाहिए।

7. जस्टिस मनमोहन लिबरहान ने कुछ दिनों पहले कहा था के जमीन किसकी है उसका फैसला मस्जिद तोड़ने वालों को सज़ा देने के बाद किया जाए। क्योंकि जिन लोगों ने मस्जिद तोड़ी है वो देश के कानून को तोड़ें हैं और हज़ारों मासूमों की हत्या की गई है।

8. मैंने डिबेट के बीच 6 दिसम्बर 1992 के दिन मस्जिद शहीद करने वालों को गुंडा और आतंकवादी कहा, जिसपे आये हुवे हिन्दू महंत बहुत सख्त नाराज़ हुवे और कहा वहां साधु संत और कारसेवक थे उनको आप आतंकी नही कह सकते, मैने कहा गुंडे और आतंकी वाला ही काम किया गया है, इनको इससे अच्छे लफ्ज़ नही दिए जा सकते।

9. हम मुसलमानो को मंदिर की जगह पर मस्जिद नही बनाना है, क्यों कि किसी की जगह पर नाजायज़ कब्जा करना हमारे नबी ने सख्त मना किया और ये बहुत बड़ा गुनाह है, लेकिन पहले साबित तो करें के वो जगह मंदिर की ही है। कोई ज़बरदस्ती हमारा हक़ छीन ले वो भी बर्दाश्त नही है।

10. आखिर में कहा के चीफ जस्टिस साहेब को जल्द ही इस का फैसला करना चाहिए, हज़ारों मॉसुम लोगों ने इस मसले के पीछे अपनी जान गवां दी है, 2019 इलेक्शन में भाजपा को वोट सेकने का मौका सुप्रीम कोर्ट ने दे और इस मसले पर जल्द से जल्द फैसला सुनाए।

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