बेगुसराय के मुसलमानों को बताना चाहूँगा: लाल भगवा एक हे

बेगुसराय के मुसलमानों को बताना चाहूँगा: लाल भगवा एक हे

बीते कल जुमाह के दिन केरला की हाईकोर्ट ने 5 सिमी के सदस्यों को जिन पर 15 अगस्त 2006 के दिन ख़ुफ़िया मीटिंग कर के देश द्रोह जेसे मुक़दमे में झूटा फंसाया गया था उनको कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया. इस केस के 11 मुसलमनो को निचली कोर्ट ने पहले ही बरी कर दिया था.

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बात बेगुसराय के मुसलमानों को इसलिए बताना चाहता हूँ, क्यूंकि इन मासूम मुसलमानों की ज़िन्दगी से खिलवाड़ करके बर्बाद करने वाली पार्टी कोई और नहीं, वही लाल कलर की सरकार हे जिसकी तरफ से कन्हैया इलेक्शन लड़ रहा हे.
18 मई 2006 को केरला में इन कम्युनिस्ट की सरकार बनती हे और सरकार बनने के 3 महीने के भीतर ही मुसलमानों को झूटे आतंकवाद और देशद्रोह के केस में फंसाना शुरू कर देते हैं.

आपने कोम्मुनिस्टों को हमेंशा चिल्लाते सुना होगा के देशद्रोह जेसी कोई चीज़ नहीं होती. लेकिन जब ये खुद हुकूमत में आते हे तो देशद्रोह के नाम पर फर्जी केस बनाकर मुसलमानों को फंसाने का काम ये भी उसी तरह करते हैं जो दूसरी सरकारें हमारे साथ करती आई हें.


अपने ज़मीर को जगाइए, समझ लीजिये हम मुसलमानों के लिए:
लाल भगवा एक हे. कामरेड सारे फेक हे.

फिर वोट किसको दें?

अपने आप पर भरोसा करना सीखिए, गेरों की लाख बुराइयों के बाद भी जब उसको वोट देने से नहीं रुकते तो अपनों में क्यूँ फ़रिश्ता तलाशते फिरते हैं? खुद के पेर पर खड़े होने की तैयारी तो कीजिये. आज नहीं तो कल अल्लाह ज़रूर कामयाब करे. मसले का असल हल खुद ही में से तलाश कीजिये, वरना सभी पार्टियां जान चुकी हैं के मुसलमानों को भाजपा से डराओ और मलाई खाओ.

-मोईनुद्दीन इब्न नसरुल्लाह @PeaceMoin

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