माना, लहू बोल नही पा रहा। पर इमरान भाई आपको क्या हो गया?

माना, लहू बोल नही पा रहा। पर इमरान भाई आपको क्या हो गया?

पहले Imran Pratapgarhi मुसलमानो पर होने वाले हर ज़ुल्म की खबर बिला झिझक अपने fb पेज पर शेयर करते थे, और वक़्त पड़ने पर थोड़ा बहुत उसी में से शायरी वगैरह बना कर गा भी लेते थे।

फिर उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर सियासत में अपना नसीब आजमाना चाहा, और आज उनकी हालत ऐसी हो गयी है कि इम्मुजी के अंदर इतनी जुर्रत नही कि राहुल बाबा से ये पूछ सकें कि राजस्थान में तो अपनी सरकार है, पुलिस समेत सबकुछ अपने कंट्रोल में है फिर क्यों मासूम रमज़ान का लहू बहाया गया?

(इम्मु जी माना लहू नही बोल पा रहा है क्योंकि उसकी ज़बान नही, लेकिन आपकी ज़बान को अचानक क्या हो गया?)

आपका fb पेज क्यों सुना सुना सा है इस खबर से?

आज कल आप कांग्रेस के नशे में इतने चूर हो कि राजस्थान में कांग्रेस की हुकूमत रहते मासूम मुसलमान रमज़ान को मार मार के कत्ल कर दिया पुलिस ने और आप सिद्धू को बाजू में बिठा कर गाड़ी चला रहे हो?

यही हक़ीक़त हर उस “मुसलमान” नेता की है जो क़ौम की खिदमत का ढोल पीटकर इन तथाकथित “सेक्युलर” पार्टीयों में शामिल होता है, और फिर क़ौम के लिए आवाज़ उठाना तो दूर, क़ौम पर होने वाले ज़ुल्म अगर खुद की पार्टी की सरकार में हुवे तो अपनी ज़बान भी नही खोल सकता।
गुलामी की इससे अच्छी मिसाल आप दे सकते हैं?

यह सबक हर उस आने वाले शख्स के लिए हैं, जो किसी “सेक्युलर” पार्टी की टिकट के इंतज़ार में है के वहां से टिकट मिल जाये तो क़ौम की खिदमत कर सकूँ। ऐसा सोचने वाला इंसान या तो खुद बेवक़ूफ़ है या हम सब को बेवक़ूफ़ समझता है।

अल्लाह देश के मुसलमानो का मुहाफ़िज़ हो। आमीन
@PeaceMoin
Moinuddin Ibn Nasrullah

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